गम हाले-ए- दिल का

1👉 हमने बहुत देखी है यह दुनिया,
यह किसी को भी जीने नहीं देती,
आप खुलेआम कहते हैं कि करेंगे मोहब्बत,
मगर यह तो नफ़रत भी करने नहीं देती,

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2👉 नफरत तो मिल सकती है जमाने से,
मगर प्यार मिलना बहुत मुश्किल है,
दिल तोड़ने वाले बहुत मिलेंगे आपको,
मगर दिलदार मिलना बहुत मुश्किल है।

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3👉 जो आपने भी इकरार किया होता प्यार का,
तो आप की खातिर हम सारी दुनिया को भुला देते,
फिर देखते कौन रोकता हमें आपका होने से,
एक आपकी खातिर सारी दुनिया को जला देते।

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4👉 खफा होकर हमसे फिर मान जाना उनका,
यही अदा तो हमको बहुत भाती है,
बाकी तो सब कुछ भूल चुके हैं हम,
मगर उसकी याद हमें बहुत आती है।

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5👉 जो गुजारे हैं पल हमने साथ आपके,
हम उन पलों को ही दिल में उतार लेंगे,
बस आप खुश रहो यह दुआ है हमारी,
हमारा क्या है हम तो जिंदगी यूं ही गुजार लेंगे।

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6👉 अब क्या बताएं आपको,
कि कितने गम उठाए हैं,
हमने अपने दिल पे यारों,
कितने जख्म खाए हैं।

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7👉 समझाया बहुत दिल को ,
मगर ना माना यह कभी,
उन पर ही क्यों यह मर मिटा,
ना जाना यह कभी,
कोशिश तो बहुत की मगर तुमको ना भूल पाए।

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8👉 पूछो तो सही कोई खुदा से,
हम पर ही क्यों गम के साए हैं,
अगर तोड़ना ही था दिलासे,
तो क्यों उसने यह दिल बनाए हैं,
सहते ही रहे हम  जुल्म-ओ-सितम बस,
अाह ! भी हम तो भर न पाए हैं।

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9👉 जमाना अगर हमसे रूठ भी जाए तो,
इस बात का हमें गम ना कोई होगा,
अगर आप जो हमसे खफा हो गए तो
हम पर इससे बड़ा सितम ना कोई होगा।

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10👉 आशिक तो बहुत देखे होंगे आपने,
अब जरा हमें को दिल में बसा कर देखिए,
आजमाया होगा अपने बहुतों के प्यार को,
अभी जरा हमारे दिल को आजमा कर देखिए।

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