Tum sirf mere ho

सुनो सिर्फ तुम मेरे हो मेरी ख़ामोशी का किसी पर कोई असर नहीं पड़ता,

शिकायत के दो लफ्ज़ को हूं तो चुभ जाते हैं।

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सब मेरे खिलाफ हो जाए तब भी कोई बात नहीं

बस एक तुम मेरे साथ रहना।

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सुनो तुम सिर्फ मेरे हो,

इसे हक समझो या कब्जा।

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ये जो मेरे फेस पर इतनी रौनक है,

सब तेरी बदौलत है।

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ना चाहा था कभी कुछ ,
तुम्हें चाहने से पहले,

तुम मिल जाओ गए ख्वाहिशें पूरी हो गई।

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