दिल-ए-नादान
1👉 मोहब्बत ना होती तो कितना अच्छा होता,
ना जख्म होता ना ही दर्द होता,
काश वो पल न गुजारा होता आपके साथ,
तो बीते पलों की याद में हमारा दिल ना रोता।
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2👉 यह वफा का सिला है तो कोई बात नहीं,
यह दर्द उनसे मिला है तो कोई बात नहीं,
यही बहुत है कि वह देख रहे है किनारे से,
हम डूब रहे हैं तो कोई बात नहीं।
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3👉 जिंदगी मोहताज नहीं मंजिलो की,
वक्त हर मंजिल दिखा देता है,
मरता नहीं कोई किसी से जुदा होकर,
वक्त सबको जीना सिखा देता है।
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4👉 जब भी हम उनके घर के आगे से निकलते हैं,
आंखें दस्तक तक दे जाती हैं,
डर यह नहीं कि वह दरवाजा बंद कर लेते हैं,
खुशी है कि वह हमें पहचान लेते हैं।
5👉 दोस्त ऐसा हो जो हमें अपना मान सके,
दिल में छुपे दर्द को एक पल में जान सके,
चल रहे हों तेज बारिश में हम,
वो चेहरे की बूंदों में भी आंसुओं को पहचान सके।
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6👉 सिर्फ गुलाब ही इश्क का पैगाम नहीं होता,
चांद चांदनी का प्यार सरे आम नहीं होता,
प्यार होता है सिर्फ मन की निर्मल भावनाओं से,
वरना यूं ही राधा-कृष्ण का नाम नहीं होता।
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7👉 एक मुलाक़ात करो हमसे इनायत समझकर,
हर चीज़ का हिसाब देंगे क़यामत समझकर,
मेरी दोस्ती पर कभी शक मत करना,
हम दोस्ती भी करते हैं इबादत समझकर।
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8👉 कोई मिला हमें चांद की चांदनी बनकर,
तो कोई मिला परियों की कहानी बनकर,
पर जिस किसी को पलकों में बसाया हमने,
वह निकल गए आंखों से आंसू बनकर।
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9👉 फूल बनकर हम मुस्कुराना जानते हैं,
मुस्कुराकर गम भुलाना जानते हैं,
लोग तो मिलकर खुश होते हैं तो क्या हुआ,
हम बिना मिले दोस्ती निभाना जानते हैं।
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10👉 अनजाने दिल लगवा बैठे,
इस प्यार में कैसे धोखा खा बैठे,
उनसे क्या गिला करें भूल हमारी थी,
जो बिना दिलवालों से दिल लगा बैठे।
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